बयूरो : जालंधर में नगर निगम अवैध निर्माणों को लेकर लम्बे समय से बेपरवाह नजर आ रहा है। ऐसा ही अवैध निर्माण का एक मामला चीमा चौक नजदीक सामने आया है जहां अवैध रूप से बन कर दुकान ‘पूरी’ हो गई हैं। गौरतलब है कि जब नियमों के उलट कोई अवैध निर्माण करता है तो उस पर नगर निगम मेहरबानी दिखाता है और उसे बन कर पहले तैयार होने दिया जाता है। ऐसे कुछ मामलों में सेटिंग हो जाने पर अधिकारियों की मिलीभगत संलिप्त होती है लेकिन कुछ मामलों में तत्पश्चात शिकायतें मिलने पर उस पर कार्यवाही रूपी या तो पीला पंजा चलाया जाता है या फिर मोटा जुर्माना ठोका जाता है। आखिर ऐसे अवैध निर्माणों पर नगर निगम के नियुक्त इलाका इंस्पेक्टर समय रहते कार्यवाही क्यों नहीं करते ? यह बड़ा सवाल गई जिसका आज तक कोई जवाब नहीं मिल सका है। अब देखना होगा कि क्या उक्त अवैध निर्माण पर नगर निगम फिलहाल मेहरबानी ही रखेगा या उचित कार्यवाही करेगा। उल्लेखनीय है कि यह अवैध दुकानें पिछले लम्बे समय से बन रहीं है और अब तो इसमें शटर तक लगा चुके हैं। और अब यह दुकानें बन कर तैयार हो चुकी हैं।