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जालंधर: सर्वोदय हॉस्पिटल धोखाधड़ी केस में 5 फरवरी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने बारे जवाब देंगे जांच अधिकारी, बढ़ सकती हैं मुश्किलें, पढ़ें व देखें

बयूरो : हेल्थ सेक्टर के चर्चित धोखधड़ी केस में आरोपी Sarvodya अस्पताल के डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. अनवर खान और नोएडा निवासी CA संदीप कुमार सिंह आदि को गिरफ्तार न करने पर माननीय अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पुलिस से 5 फरवरी तक जवाब देने को कहा है कि अभी तक अरेस्ट क्यों नहीं की गई? और अगर पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं करना चाहती तो इसके ठोस कारण बताए।

न्यायिक मजिस्ट्रेट, जालंधर की अदालत ने पंकज त्रिवेदी बनाम राजेश अग्रवाल etc केस में गैर-जमानती धाराओं अधीन दर्ज एफआईआर होने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चिंता जताते हुए जांच कर रहे उच्चाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।

बहस के दौरान पुलिस ने कहा कि जांच के लिए SIT बना दी गई है तो कोर्ट ने कहा कि फिर भी गिरफ्तारी न करने कि वजह बताई जाए।

याद रहे पंकज त्रिवेदी बनाम राजेश अग्रवाल etc केस में Non-Bailable धाराओं अधीन नामजद आरोपियों की मुश्किलें दिन -ब -दिन बढ़ती जा रही हैं। अदालत में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर धारा 75 Cr.P.C./79 BNSS के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी करने संबंधी अर्जी दायर की गई थी।

मामले में एफआईआर 233 दिनांक 23.12.2025 की जांच से संबंधित रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। बताया गया कि इलाका मजिस्ट्रेट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई थी और अब इस मामले की जांच एडीसीपी हरिंदर सिंह गिल के नेतृत्व में चल रही है।

पिछली सुनवाई पर पुलिस ने अपना पक्ष रखा पर न्यायालय ने बीएनएसएस की धारा 175 के तहत सुपरवाइजरी अधिकारों का प्रयोग करते हुए एडीसीपी सिटी-2 से यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए कि आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं की गई और यदि गिरफ्तारी आवश्यक नहीं समझी गई तो उसके ठोस कारण बताए जाएं।

माननीय अदालत ने इस संबंध में 5 फरवरी 2026 तक अरेस्ट न करने के कारण बताने के आदेश दिए हैं।

गौरतलब है कि 23.12.2025 को थाना नवी बारादरी में पुलिस ने माननीय कोर्ट के आदेशों पर एफआईआर नंबर 233 दर्ज की थी। इसमें डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. अनवर खान और CA संदीप कुमार सिंह निवासी नोएडा के खिलाफ IPC की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 477-A और 120-B लगाई गई थी जिन्हें कानून विशेषज्ञ Non Bailaible बताते हैं।

इसमें आरोपी डॉक्टरों पर अपने पार्टनर्स से करोड़ों की धोखाधड़ी करने और डॉक्यूमेंट में हेर फेर कर सर्वोदय अस्पताल को घाटे में दिखाने के संगीन आरोप लगे हैं। इसमें अभी तक गिरफ्तारी पेंडिंग है जिसके चलते शिकायतकर्ता ने माननीय अदालत में गिरफ्तारी हेतु याचिका दायर की थी।