









‘जब मेहनत में सच्चाई और दिल में जुनून हो, तो नतीजा सिर्फ ट्रॉफी नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में जगह बनाना होता है। यही करके दिखाया है जालंधर की होनहार बेटी समीक्षा ने।
बयूरो: जालंधर की छात्रा समीक्षा ने संगरूर में आयोजित प्रतिष्ठित टीवी रियलिटी शो ‘किसमें कितना है दम’ के ग्रैंड फिनाले में अपनी शानदार परफॉर्मेंस से न केवल विनर का खिताब जीता, बल्कि हर किसी के दिल में अपनी एक अलग पहचान भी बना ली। इस शो का निर्माण वरुण बंसल द्वारा किया गया था।
देशभर से आए 122 प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद समीक्षा ने अपनी कला, मेहनत और आत्मविश्वास से सबको प्रभावित किया।
समीक्षा का कहना है, “मेरे लिए सिर्फ विनर बनना ही अहम नहीं था। असली जीत तब है, जब आप खुद से संतुष्ट हो सकें कि हां, मैंने अपनी पूरी मेहनत और दिल से परफॉर्म किया है, और जब लोग दिल से आपकी कला की सराहना करें।”
समीक्षा ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने गुरुओं को दिया, जिनका मार्गदर्शन उनके हर कदम पर साथ रहा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके माता-पिता शशि भूषण और अनीता सरीन ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया और हर परिस्थिति में मजबूती से उनका साथ दिया।
शो के मंच पर मौजूद जज ने समीक्षा की परफॉर्मेंस की सराहना की। एक जज ने प्रशंसा करते हुए कहा, “समीक्षा के अंदर जो मेहनत और सच्चाई है, वही एक दिन इसे विदेशों तक अपने हुनर से नाम रोशन करने का मौका दिलाएगी।”
समीक्षा का सपना है कि वह अपने डांस और टैलेंट के दम पर देश-विदेश में अपने परिवार, गुरुजनों और अपने शहर का नाम ऊंचा करे। उनकी यह सोच हर युवा के लिए एक प्रेरणा है कि असली जीत सिर्फ मेडल या ट्रॉफी नहीं, बल्कि खुद से संतुष्ट होना और लोगों के दिल में अपनी जगह बनाना है।
समीक्षा की ये कामयाबी बताती है कि जब इरादे मजबूत हों, परिवार और गुरुओं का साथ हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता।