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राहुल गांधी के खिलाफ बेतुके बयान देने के बजाय नशे के मुद्दे पर जवाब दे AAP सरकार: अश्वन भल्ला और रविंदर सिंह लाडी

ब्यूरो: सीनियर कांग्रेस नेता अश्वन भल्ला और रविंदर सिंह लाडी ने राहुल गांधी के खिलाफ आम आदमी पार्टी नेताओं द्वारा दिए जा रहे बयानों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने पंजाब के गंभीर नशे के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर पंजाब के लाखों परिवारों की आवाज को देश के सामने रखा है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कोई राजनीति नहीं की, बल्कि पंजाब में नशे की भयावह स्थिति और इस समस्या से प्रभावित परिवारों की पीड़ा को राष्ट्रीय मुद्दा बनाया है। ऐसे गंभीर विषय पर जवाब देने के बजाय आम आदमी पार्टी के नेता राहुल गांधी के खिलाफ अनर्गल और बेतुके बयान देकर असली मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

अश्वन भल्ला और रविंदर सिंह लाडी ने कहा कि गुलजार सिंह की दुखद मौत ने पंजाब में नशे के मुद्दे और सरकार की जवाबदेही से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने अपने गांव में खुलेआम नशे की उपलब्धता का मुद्दा उठाया था और अपने बेटे के नशे की चपेट में आने की बात कही थी। बाद में उस पर कथित तौर पर माफी मांगने और दबाव बनाए जाने के आरोप सामने आए और उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। मामले में गांव की सरपंच सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच के लिए SIT गठित की गई है।

दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति को बिना जांच के दोषी ठहराने की मांग नहीं कर रही, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच चाहती है। यदि जांच में किसी भी राजनीतिक व्यक्ति, पंचायत प्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे और स्वतंत्र जांच की मांग करना पूरी तरह जायज है, क्योंकि जब एक आम नागरिक सरकार के मंत्री के सामने नशे की समस्या उठाता है और उसके बाद उसकी मौत हो जाती है, तो इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।

अश्वन भल्ला और रविंदर सिंह लाडी ने कहा कि पंजाब में नशे का मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी का विषय नहीं, बल्कि पंजाब की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। सरकार को राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले करने के बजाय जनता को जवाब देना चाहिए कि पंजाब में नशा इतनी आसानी से उपलब्ध क्यों है और नशे के खिलाफ सरकार के दावों के बावजूद जमीनी स्थिति में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं दिखाई दे रहा।

उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति नशे के खिलाफ आवाज उठाता है, उसकी आवाज दबाने के बजाय उसकी बात सुनी जानी चाहिए। राहुल गांधी ने पंजाब के इस गंभीर मुद्दे को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है और कांग्रेस पार्टी नशे के खिलाफ लड़ाई में पंजाब के हर पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।