Home Education इंटर हाउस सोलो सिंगिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बिखेरा सुरों का जादू

इंटर हाउस सोलो सिंगिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बिखेरा सुरों का जादू

ब्यूरो: डिप्स संस्थान में आयोजित इंटर हाउस सोलो सिंगिंग प्रतियोगिता विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संगीत प्रेम का शानदार उत्सव साबित हुई। प्रतियोगिता में नन्हे गायकों ने अपनी मधुर आवाज़ और प्रभावशाली प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कई विद्यार्थियों की गायकी इतनी शानदार थी कि वे किसी पेशेवर गायक से कम नहीं लग रहे थे। इस प्रतियोगिता ने संस्थान में छिपी हुई अनेक प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया।

प्रतियोगिता की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों ने संगीत की विविध विधाओं को मंच पर जीवंत कर दिया। पारंपरिक गीतों से लेकर रेट्रो संगीत, शास्त्रीय गायन से लेकर वेस्टर्न धुनों तक, लाइट म्यूजिक से लेकर लोक संगीत तक, हर प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत के रंगों से सजी इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा को उजागर किया।

प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी नियमित शैक्षणिक दिनचर्या से एक संगीतमय विराम देना तथा उन्हें अपनी कला और आत्मविश्वास को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना था। छोटे-छोटे बच्चों ने बड़े सपनों और पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर आकर अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनकी सुरीली आवाज़ों ने पूरे वातावरण को संगीत से सराबोर कर दिया और उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

हर प्रस्तुति में समर्पण, जुनून और संगीत के प्रति प्रेम स्पष्ट दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने न केवल अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया बल्कि मंच पर अपने आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल से भी सभी को प्रभावित किया।

इस अवसर पर एमडी तरविंदर सिंह, सीएओ रामनीक सिंह, सीएओ जशन सिंह तथा प्रधानाचार्यों ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने संगीत शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ावा देती हैं।

अंत में विजेताओं को बधाई दी गई तथा सभी प्रतिभागियों के उत्साह और शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा की गई। यह प्रतियोगिता संगीत, प्रतिभा, रचनात्मकता और आनंद का एक अविस्मरणीय उत्सव बन गई।