






जालंधर: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने क्यूएस, क्वाक्वेरेली साइमंड्स द्वारा घोषित प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग: एशिया 2026 में एशिया में 187वां और भारत के निजी विश्वविद्यालयों में 7वां स्थान हासिल करके वैश्विक उच्च शिक्षा में एक और उपलब्धि हासिल की है। एलपीयू अब सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में 17वें स्थान पर है, जो पिछले साल एशिया में 226वें और भारत में 27वें स्थान से उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
एलपीयू का प्रभावशाली प्रदर्शन इसे आईआईटी इंदौर, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी गांधीनगर, आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईटी धनबाद, आईआईटी मंडी, आईआईटी पटना, आईआईटी रोपड़ और सभी एनआईटी सहित कई प्रमुख संस्थानों से आगे रखता है।
अंतर्राष्ट्रीय अनुसंधान नेटवर्क (आईआरएन) पैरामीटर में, एलपीयू ने एशिया में 56वें और भारत में 5वीं रैंक हासिल की है, जो विश्वविद्यालय के मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बढ़ते रिसर्च प्रभाव को दिखाता है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर, एलपीयू के संस्थापक चांसलर और सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा, “हमें क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में एलपीयू की निरंतर प्रगति देखकर खुशी हो रही है। यह सफलता रिसर्च, इनोवेशन और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति हमारी निरंतर मेहनत और आगे बढ़ने की सोच को दर्शाती है। एलपीयू में, हम विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचा, उन्नत प्रयोगशालाएँ और अच्छे एवं बेहतरीन इंडस्ट्री के साथ सहयोग तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध बनाऐ रखते हैं जो हमारे छात्रों और शिक्षकों को सार्थक अनुसंधान और खोज करने में सक्षम बनाते हैं।”
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एशिया 2026 विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन 11 प्रमुख संकेतकों पर करती है, जिनमें शैक्षणिक प्रतिष्ठा, एंप्लॉयर की प्रतिष्ठा, शिक्षक/छात्र रेशीओ, अंतर्राष्ट्रीय रिसर्च नेटवर्क, अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर छपे प्रति रिसर्च पेपर, प्रति शिक्षक पेपर, पीएचडी कर्मचारी, अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक एवं अंतर्राष्ट्रीय छात्र, इनबाउंड एक्सचेंज छात्र तथा आउटबाउंड एक्सचेंज छात्र शामिल हैं।