


बयूरो: दलित समाज द्वारा खालिस्तानियों व बाबा सहें अम्बेडकर के किए गए अपमान खिलाफ दी गई बंद की कॉल ने होने वाली एक शादी नहीं होने दी। जानकारी अनुसार जीरकपुर से अमृतसर जाने के लिए बारात निकली थी। लुधियाना पहुंचने पर बीच हाईवे पर बरात जाम में फंस गई। दूल्हे के परिवारिक सदस्यों ने कहा कि अब अगर रास्ता खुल भी जाए तो बारात पहुंचने के बाद भी शादी नहीं हो पाएगी। हालांकि इस जाम से निकलने के लिए दूल्हे के पिता ने धरना दे रहे लोगों से उन्हें आगे जाने की मिन्नतें भी की, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। दूल्हे के पिता तरसेम सिंह ने बताया कि वह जीरकपुर के रहने वाले हैं। उनके बेटे की शादी अमृतसर में तय हुई है। मंगलवार को शादी थी। उन्हें बंद का पता था, लेकिन हाईवे को जाम किया जाएगा। इसके बारे में जरा सा भी अंदाजा नहीं था। वह जाम में फंस गए। उन्होंने कहा कि चार घंटे वह जाम में फंसे रहे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा भी था कि अमृतसर उन्हें पहुंचना है और वहां लड़की वालों की तरफ से सारा इंतजाम कर रखा है। मगर किसी ने एक नहीं सुनी। पीछे भी गाडियां खडी थी। इस कारण वह भी जाम से निकल ही नहीं पाए।