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‘द नोबेल स्कूल’ के विद्यार्थियों का मनाली और धार्मिक स्थलों का यादगार शैक्षिक एवं मनोरंजक दौरा!

ब्यूरो: ‘द नोबेल स्कूल’ के विद्यार्थियों द्वारा हाल ही में प्रकृति की गोद और आध्यात्मिक वातावरण से भरपूर एक शानदार शैक्षिक एवं मनोरंजक टूर आयोजित किया गया। विद्यार्थियों के लिए यह यात्रा सीखने, घूमने और मौज-मस्ती करने का एक सुनहरा अवसर बनी। इस यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने पहाड़ों की खूबसूरत वादियों से लेकर ऐतिहासिक गुरुद्वारों तक के सफर का भरपूर आनंद लिया।

यात्रा की शुरुआत मनाली के प्रसिद्ध जोगिनी वॉटरफॉल के ट्रेक से हुई। हरे-भरे जंगलों और प्राकृतिक नज़ारों के बीच विद्यार्थियों ने खूब आनंद लिया। इसके बाद शाम को मनाली के प्रसिद्ध मॉल रोड पर विद्यार्थियों ने अपने दोस्तों के साथ खरीदारी की और स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया।

प्राकृतिक स्थलों, जैसे औन बिहार जंगल और स्थानीय मंदिरों के दर्शन से विद्यार्थियों को बहुत कुछ देखने और सीखने का अवसर मिला। इसके साथ ही, हवा में उड़ने जैसा रोमांच प्रदान करने वाली ज़िपलाइन की सवारी ने ‘द नोबेल स्कूल’ के बच्चों में भरपूर उत्साह और साहस का संचार किया।

इंजीनियरिंग के अद्भुत नमूने अटल टनल को पार करते ही विद्यार्थी बर्फ़ से ढकी कोकसर घाटी में पहुँच गए। यहाँ विद्यार्थियों ने बर्फ़ के साथ खेलते हुए गरमा-गरम मैगी और चाय का आनंद लिया तथा अपनी खूबसूरत यादों को कैमरे में कैद किया।

इस शैक्षिक एवं मनोरंजक यात्रा को आध्यात्मिक रंग देते हुए विद्यार्थियों ने पार्वती घाटी में स्थित पवित्र गुरुद्वारा श्री मणिकरण साहिब में माथा टेका और वहाँ के गर्म पानी के प्राकृतिक झरनों को देखा। बच्चों ने पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव से सेवा भी की। इसके बाद, खालसा पंथ की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब पहुँचकर सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया।

स्कूल के चेयरमैन प्रो. सी.एल. कोछड़ जी ने कहा, “स्कूल का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक जीवन और प्रकृति से जोड़ना भी है। मुझे बहुत खुशी है कि हमारे बच्चों ने जोगिनी वॉटरफॉल, अटल टनल और कोकसर घाटी जैसी शानदार जगहों पर जाकर प्रकृति की सुंदरता का आनंद लिया और साहस व उत्साह के साथ नई चुनौतियों का सामना करना सीखा।”

स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर इंजीनियर कुमार शिव कोछड़ जी ने कहा, “मनोरंजन और साहस के साथ-साथ इस ट्रिप का सबसे खूबसूरत पहलू इसका आध्यात्मिक रंग था। गुरुद्वारा श्री मणिकरण साहिब और श्री आनंदपुर साहिब में नतमस्तक होकर गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त करना हमारे विद्यार्थियों में नैतिक एवं धार्मिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करेगा।”

‘द नोबेल स्कूल’ के बच्चों के लिए यह ट्रिप केवल घूमने-फिरने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसने विद्यार्थियों में आपसी प्रेम, सहयोग, प्रकृति के प्रति लगाव और धार्मिक मूल्यों को भी और अधिक मजबूत किया। यह यादगार यात्रा हमेशा विद्यार्थियों के दिलों में बसी रहेगी!