











बयूरो : बिजली विभाग में चल रही कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब और व्यापक होता नजर आ रहा है। जहां कल यानी शनिवार को कंट्रोल रूम में तैनात करीब 400 कर्मचारियों ने भी कामकाज ठप कर दिया, जिससे उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण और फॉल्ट अटेंड करने की व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। लगातार 5वें दिन जारी इस आंदोलन ने बिजली सप्लाई से जुड़े कामों पर दबाव बढ़ा दिया है। जानकारी अनुसार, पहले से आंदोलन कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के समर्थन में कंट्रोल रूम स्टाफ भी शामिल हो गया है। इसका असर खासतौर पर शहर के कई इलाकों में देखने को मिल सकता है, जहां बारिश के मौसम में बिजली संबंधी शिकायतें सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती हैं। बिजली विभाग में नियमित और आउटसोर्सिंग मिलाकर हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं। हड़ताल के चलते यदि कहीं केबल जलने, ट्रांसफार्मर खराब होने या अन्य तकनीकी खराबी जैसी समस्या सामने आती है तो उसके समाधान में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। बारिश के दौरान शिकायतों की संख्या भी तेजी से बढ़ जाती है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि विभाग का कहना है कि आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों के आंदोलन के कारण बिजली व्यवस्था पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।