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जालंधर : DBA ने एलएडीसी प्रणाली के विरोध में की पूर्ण हड़ताल, बिजली व्यवस्था को लेकर भी सरकार व PSPCL के खिलाफ जताया रोष, पढ़ें व देखें

बयूरो (गोलमाल न्यूज़) : जिला बार एसोसिएशन, जालंधर ने प्रधान आदित्य जैन एवं सचिव रोहित गंभीर की अध्यक्षता में संयुक्त संघर्ष समिति (Joint Action Committee), पंजाब के निर्णय का पालन करते हुए आज जिला न्यायालय, जालंधर में पूर्ण रूप से हड़ताल रखी तथा न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप रखा।

बार प्रधान आदित्य जैन ने बताया कि एलएडीसी (LADC) का मुद्दा पिछले लंबे समय से पंजाब की सभी बार एसोसिएशनों द्वारा उठाया जा रहा है। इस संबंध में पंजाब भर के बार प्रधानों, सचिवों एवं वाइस प्रधानों की माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के साथ बैठक हुई थी, जिसमें इस मुद्दे के समाधान के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। कई महीने बीत जाने के बावजूद भी अभी तक कमेटी की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है। इसके बाद 26 जून, 2026 को संयुक्त संघर्ष समिति, पंजाब की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि सभी जिला बार एसोसिएशन अपने-अपने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से सरकार को प्रस्ताव भेजेंगी तथा यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 7 जुलाई, 2026 से पूरे पंजाब की बार एसोसिएशनें हड़ताल पर चली जाएंगी। इसी निर्णय के तहत आज पूरे पंजाब के साथ जिला बार एसोसिएशन, जालंधर ने भी पूर्ण रूप से हड़ताल रखी। उन्होंने बताया कि संयुक्त संघर्ष समिति, पंजाब के निर्णय के अनुसार एलएडीसी के मुद्दे पर कल भी पूरे पंजाब में वकीलों की हड़ताल जारी रहेगी और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार इस व्यवस्था को वापस नहीं लेती।

इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन ने पंजाब सरकार एवं पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के खिलाफ भी कड़ा रोष व्यक्त किया।

सचिव रोहित गंभीर ने बताया कि पिछले कई दिनों से जिला न्यायालय परिसर में वकीलों के चैंबरों में कार्य के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे अधिवक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि न्यायालय परिसर के बाहर लगा मुख्य ट्रांसफॉर्मर वकीलों के चैंबरों के साथ-साथ आसपास के रिहायशी क्षेत्र को भी बिजली सप्लाई कर रहा है। इसी कारण चैंबरों तक पर्याप्त बिजली नहीं पहुंच पा रही है। जिला बार एसोसिएशन कई बार संबंधित अधिकारियों से अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने तथा वकीलों के चैंबरों के लिए अलग बिजली ट्रांसफॉर्मर स्थापित करने की मांग कर चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

सचिव रोहित गंभीर ने कहा कि जिला न्यायालय परिसर में प्रतिदिन लगभग 1,200 से 1,500 अधिवक्ता कार्य करते हैं। यहां लगभग 600 वकीलों के चैंबर, बार लाइब्रेरी तथा लेबर कोर्ट स्थित हैं। इतने बड़े परिसर के लिए अलग ट्रांसफॉर्मर और बेहतर बिजली व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता है, ताकि सभी चैंबरों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने पंजाब सरकार और PSPCL से मांग की कि जिला न्यायालय परिसर में वकीलों के चैंबरों के लिए अलग ट्रांसफॉर्मर लगाया जाए, अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जाएं तथा बिजली व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि अधिवक्ताओं को सुचारु रूप से कार्य करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। भारी बारिश के बावजूद भी जिला बार एसोसिएशन की हड़ताल पूरी तरह सफल रही। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से पूर्ण रूप से दूरी बनाए रखी तथा कोर्ट परिसर के अंदर शांतिपूर्वक धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।

इस अवसर पर बार प्रधान आदित्य जैन, सचिव रोहित गंभीर, सीनियर वाइस प्रधान राम छाबड़ा, जॉइंट सेक्रेटरी साहिल मल्होत्रा, जूनियर वाइस प्रधान सूरज प्रताप सिंह, असिस्टेंट सेक्रेटरी सोनालिका तथा एक्जीक्यूटिव मेंबर्स प्रभु धीर, पारस चौधरी, विजय मिश्रा, नेहा, अमानत, पायल, मनिंदर ससदेवा, संदीप कुमार, विवेक बत्रा एवं गुंदीप सिंह सोढ़ी उपस्थित रहे। इनके अलावा गुरमेल सिंह लिद्दड़, संजीव अधिकारी, संजीव बाली, रतन दुआ, राकेश धीर, अमरिंदर थिंद, सन्नी कौल, वरुण मल्होत्रा, रविंद्र सिंह राजा, बलविंद्र सिंह लक्की, संजीव बंसल, कुणाल गोयल, हरप्रीत सिंह, धीरज भगत, रोबिन सेठी, निखिल शर्मा तथा जगतपाल मैनी , राजीव कोहली, कुमार शर्मा, रोहन, मोहित तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।