





बयूरो (गोलमाल न्यूज़) : जालंधर Kidney कांड की कड़ियाँ जिस तरह से खुल रही हैं, वैसे-वैसे ही इसमें शामिल और इसके दोषियों को बचाने वाले लोग हाथ पीछे खींच रहे हैं, चाहे वह सरकारी ओहदों पर हों या फिर पूर्व सत्तपक्ष या मौजूदा सत्तपक्षी नेता। कारण साफ़ है कि पंजाब सरकार चुनाव के चलते कोई रिस्क नहीं ले रही। करप्शन में लिप्त लोगों को, अफसरों को सिस्टम से बाहर किया जा रहा। अब किडनी कांड से जुड़े केस की सुनवाई 1 मई को तय की गई है। इसमें पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने अर्जी दे रखी है कि गवाही फिर से शुरू करवाई (विटनेस विंडो) जाए।