ब्यूरो: हंस राज महिला महाविद्यालय, जालंधर के कॉस्मेटोलॉजी के पीजी विभाग ने प्राचार्या डॉ. एकता खोसला के कुशल नेतृत्व में छात्राओं के लिए अरोमा थेरेपी और डीप टिश्यू मसाज पर एक दो-दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यशाला का संचालन विशेषज्ञ मसाज थेरेपिस्ट जतिंदर ने किया, जिन्होंने प्रतिभागियों के साथ अपने पशेवर ज्ञान और व्यावहारिक तकनीकों को साझा किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के व्यावहारिक कौशल को
बढ़ाना और उन्हें समग्र कल्याण (holistic wellness) थेरेपी में उद्योग – उन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करना था । सत्र के दौरान
अरोमा थेरेपी पर जतिंदर ने एसेंशियल ऑयल्स (आवश्यक तेलों) की अवधारणा, लाभ और चिकित्सीय उपयोगों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अरोमा थेरेपी उपचार करते समय आवश्यक विभिन्न मिश्रण तकनीकों, लगाने के तरीकों और सुरक्षा सावधानियों का प्रदर्शन किया। डीप टिश्यू मसाज सत्र में, छात्राओं को उन्नत मसाज तकनीकों में प्रशिक्षित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मांसपेशियों के तनाव को कम करना, रक्त संचार में सुधार करना और आराम को बढ़ावा देना था। विशेषज्ञ ने छात्राओं को चरण-दर-चरण प्रक्रियाओं के माध्यम से मार्गदर्शन दिया, जिसमें दबाव
डालना, शरीर की यांत्रिकी (body mechanics) और ग्राहक को संभालने के तरीके शामिल थे। स्वच्छता, पेशेवर
नैतिकता और ग्राहक परामर्श पर भी विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला में व्यावहारिक प्रदर्शन के साथ-साथ हाथों से अभ्यास भी शामिल था, जिससे छात्राओं को आत्मविश्वास हासिल करने और अपने कौशल को निखारने का अवसर मिला। छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और नई तकनीकों को सीखने में भारी उत्साह दिखाया, जिनकी सौंदर्य और कल्याण उद्योग में अत्यधिक मांग है। प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने इस तरह की कौशल – बढ़ाने वाली कार्यशाला आयोजित करने के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना की और छात्राओं को ऐसे सीखने के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला का समापन कॉस्मटोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्षा मुक्ति अरोड़ा द्वारा औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने जतिंदर को उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन और कार्यशाला को ज्ञानवर्धक तथा सफल बनाने में उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। सहायक प्रोफेसर नवजोत कौर, श्रुति, गुरसिमर और मनवीर भी इस अवसर पर उपस्थित थीं ।