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वकीलों की हुई जीत ! DBA जालंधर ने जताई खुशी, LADC पालिसी के विरोध में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से हुई मीटिंग में हुए महत्त्वपूर्ण निर्णय, पढ़ें व देखें

LADC नीति के विरोध में DBA, जालंधर का आंदोलन लगातार जारी, 11वें दिन भी अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण भूख हड़ताल कर एकजुटता का किया प्रदर्शन

LADC नीति के विरोध में चला अधिवक्ताओं का आंदोलन समाप्त, कल से न्यायिक कार्य होंगे सामान्य : DBA सचिव रोहित गंभीर

बयूरो (गोलमाल न्यूज़) : जिला बार एसोसिएशन, जालंधर द्वारा लीगल एड डिफेंस काउंसल (LADC) नीति के विरोध में चलाया जा रहा शांतिपूर्ण आंदोलन आज भी पूरे उत्साह एवं एकजुटता के साथ जारी रहा। अधिवक्ताओं ने न्यायिक परिसर में शांतिपूर्ण भूख हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन जारी रखते हुए एलएडीसी नीति को समाप्त किए जाने की अपनी मांग दोहराई।

आज का दिन अधिवक्ता समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक रहा। आज जॉइंट एक्शन कमेटी, विभिन्न जिला बार एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों तथा बार काउंसिल के माननीय सदस्यों की भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान एलएडीसी नीति से संबंधित सभी मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वर्तमान स्वरूप में एलएडीसी व्यवस्था को आगे जारी नहीं रखा जाएगा। वर्तमान में कार्यरत एलएडीसी डिफेंस काउंसलों के अनुबंध (Contract) की अवधि समाप्त होने के पश्चात उनका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि अब नए आपराधिक मामलों को एलएडीसी डिफेंस काउंसलों को आवंटित (मार्क) नहीं किया जाएगाजिला बार एसोसिएशन, जालंधर के सचिव एडवोकेट रोहित गंभीर ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल अधिवक्ताओं की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और आम जनता के हित में एक ऐतिहासिक एवं बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से पंजाब भर के अधिवक्ताओं ने अत्यंत अनुशासित, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया, जिसके सकारात्मक परिणाम आज सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से विशेष रूप से युवा अधिवक्ताओं को कार्य के समान अवसर प्राप्त होंगे तथा आम जनता को भी पैनल प्रणाली के माध्यम से योग्य एवं स्वतंत्र अधिवक्ताओं की सेवाएं उपलब्ध होती रहेंगी।

आज आयोजित भूख हड़ताल में जिला बार एसोसिएशन, जालंधर के सचिव एडवोकेट रोहित गंभीर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट राम छाबड़ा, संयुक्त सचिव एडवोकेट साहिल मल्होत्रा, सहायक सचिव एडवोकेट सोनालिका, कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट परास चौधरी, पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट ओम प्रकाश शर्मा, एडवोकेट बलविंदरजीत सिंह (लकी) एवं एडवोकेट बलदेव प्रकाश रल्ह, पूर्व सचिव एडवोकेट रतन दुआ, पूर्व सहायक सचिव एडवोकेट विकास भारद्वाज एवं एडवोकेट तरसेम सिंह टाक, पूर्व कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट राकेश धीर एवं एडवोकेट दीपिका दुग्गल, एडवोकेट मनीत मल्होत्रा, एडवोकेट मधु शर्मा, एडवोकेट उमेश ओहरी, एडवोकेट अशोक सोनी तथा एडवोकेट सौरव शर्मा (मानसा) ने भाग लिया। सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में एलएडीसी नीति के विरोध तथा अधिवक्ताओं एवं आम जनता के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।

एडवोकेट रोहित गंभीर ने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि पूरे अधिवक्ता समुदाय की एकता, धैर्य और सामूहिक संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अधिवक्ताओं की यह एकजुटता भविष्य में भी न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखते हुए अधिवक्ताओं के अधिकारों एवं आम जनता के हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

अंत में जिला बार एसोसिएशन, जालंधर की ओर से जॉइंट एक्शन कमेटी के सभी सम्मानित सदस्यों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, बार काउंसिल के माननीय सदस्यों, जिला बार एसोसिएशन जालंधर के समस्त पूर्व पदाधिकारियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, महिला अधिवक्ताओं, युवा अधिवक्ताओं तथा आंदोलन को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग एवं समर्थन देने वाले प्रत्येक अधिवक्ता का हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया।

जिला बार एसोसिएशन, जालंधर ने आशा व्यक्त की कि यह निर्णय अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, युवा अधिवक्ताओं के भविष्य को सुदृढ़ बनाने तथा आम जनता को प्रभावी एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।