










एलपीयू के संस्थापक चांसलर और सांसद (राज्यसभा) डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक आंदोलन बन गया है और दुनिया भर के देश भारत की प्राचीन परंपरा को अपना रहे हैं। डॉ. मित्तल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों और योग में निहित भारत के शाश्वत ज्ञान के सामंजस्यपूर्ण मेल से साकार किया जा सकता है। वैश्विक स्तर पर योग के क्षेत्र में एलपीयू की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए, डॉ. मित्तल ने बताया कि हाल ही में यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में 12 गोल्ड मेडल जीते, जो भारत के कुल 102 गोल्ड मेडल का 12% हिस्सा है। इस अवसर पर, डॉ. मित्तल ने योग में एडवांस्ड रिसर्च और एकेडमिक एक्सीलेंस को बढ़ावा देने के लिए एलपीयू में ‘नमो योगा चेयर’ शुरू करने की भी घोषणा की। साथ ही, उन्होंने छात्रों और पूरे एलपीयू समुदाय से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया।