









सीटी ग्रुप और पंजाब प्रेस क्लब की अनोखी पहल
10 फरवरी 1982 को स्थापित इस क्लॉक टॉवर ने वर्षों तक शहरवासियों को समय की सटीक जानकारी देने के साथ-साथ जालंधर की पहचान के एक महत्वपूर्ण प्रतीक के रूप में अपनी भूमिका निभाई। समय के साथ यह शहर की सांस्कृतिक स्मृतियों का अभिन्न हिस्सा बन गया। हालांकि, 1992 में इसके बंद हो जाने के बाद यह ऐतिहासिक संरचना दशकों तक खामोश खड़ी रही, जो बीते युग की यादों को संजोए हुए थी।
इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को समझते हुए, सीटी ग्रुप ने पंजाब प्रेस क्लब के साथ मिलकर इस धरोहर के पुनरुद्धार का संकल्प लिया। इस पहल की परिकल्पना सीटी यूनिवर्सिटी के चांसलर सरदार चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा की गई, जिनका मानना है कि विरासत का संरक्षण किसी भी शहर की पहचान और सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस परियोजना को साकार करने के लिए महीनों तक गहन शोध, योजनाबद्ध कार्य, तकनीकी मूल्यांकन और सावधानीपूर्वक पुनरुद्धार कार्य किया गया, ताकि इसकी ऐतिहासिक मौलिकता को बरकरार रखा जा सके। इस कार्य को सफल बनाने में पंजाब प्रेस क्लब के अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सैनी और महाप्रबंधक जतिंदरपाल सिंह का विशेष योगदान रहा।
अनावरण समारोह में सीटी ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रो. (डॉ.) मनबीर सिंह तथा उपाध्यक्ष हरप्रीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर पंजाब प्रेस क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें वरिष्ठ मीडिया पेशेवर एवं पंजाब प्रेस क्लब के मार्गदर्शक सतनाम सिंह मानक, पंजाब प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लखविंदर सिंह जोहल, उपाध्यक्ष मनदीप शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश थापा, उपाध्यक्ष परमजीत सिंह रंगपुरी, महासचिव पुनीत सहगल, सचिव राजेश योगी, संयुक्त सचिव सुक्रांत सफारी, कोषाध्यक्ष शिव शर्मा तथा लीग वन मीडिया के प्रबंध निदेशक नवीन शर्मा शामिल थे।