Home Education द नोबेल स्कूल’ का शिमला टूर रहा यादगार

द नोबेल स्कूल’ का शिमला टूर रहा यादगार

ब्यूरो: मैदानी इलाकों में पड़ रही गर्मी से राहत पाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से ‘द नोबेल स्कूल’ द्वारा ‘पहाड़ों की रानी’ शिमला का एक शानदार शैक्षिक एवं पर्यटन टूर आयोजित किया गया। इस टूर में छठी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रकृति के सुंदर नजारों का खूब आनंद लिया।

इस तीन दिवसीय टूर के दौरान विद्यार्थियों ने शिमला की कई ऐतिहासिक और प्रसिद्ध जगहों का भ्रमण किया। पहले दिन बच्चों ने भद्रकाली मंदिर में माथा टेका। दूसरे दिन मॉल रोड, ऐतिहासिक रिज मैदान, क्राइस्ट चर्च, राज्य संग्रहालय तथा ऊँची पहाड़ी पर स्थित जाखू मंदिर के दर्शन किए। संग्रहालय में बच्चों ने प्रदर्शनी हॉल और आर्ट गैलरी भी देखी। इसके अलावा कुफरी की खूबसूरत वादियों में स्थित हिमालयन नेचर पार्क में बच्चों ने विभिन्न दुर्लभ पक्षियों और जानवरों को देखा। बच्चों ने घुड़सवारी, एडवेंचर पार्क और अन्य खेलों का भी खूब आनंद लिया।

स्कूल के चेयरमैन सी. एल. कोछड़ जी और मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार शिव कोछड़ जी ने बच्चों के शिमला टूर से लौटने पर उनका स्वागत करते हुए कहा, “ऐसे शैक्षिक टूर बच्चों के मानसिक विकास और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बहुत आवश्यक हैं। जब बच्चे मिल-जुलकर यात्रा करते हैं, तो उनमें एकता और अनुशासन की भावना विकसित होती है।”

स्कूल की डायरेक्टर मैडम ने बताया कि इस टूर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पुस्तक ज्ञान के साथ-साथ बाहरी दुनिया और प्रकृति से जोड़ना था। पहाड़ों की वनस्पति, वहां के लोगों के रहन-सहन और पहाड़ी संस्कृति के बारे में बच्चों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। शिमला के ठंडे और सुहावने मौसम ने बच्चों की सारी थकान दूर कर दी।

सुनहरी यादें लेकर लौटे बच्चे

टूर से सकुशल लौटने पर विद्यार्थी काफी उत्साहित नजर आए। बच्चों ने अपनी इन खूबसूरत यादों और अनुभवों को अपने माता-पिता के साथ साझा किया। शिक्षकों की उचित देखरेख में आयोजित यह शिमला टूर बच्चों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।