






इस शाश्वत अलगाव के मौके पर सेंट सोल्जर ग्रुप के सभी स्कूलों कालेजोँ ने श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभाएं आयोजित की। इस दौरान कुष्ठ आश्रम परिवार, समूह स्टाफ और छात्रों ने उनकी तस्वीर पर फूल-मालाएं अर्पित की, एवं दो मिनट का मौन धारण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उनके जीवन पर रोशनी डालते हुए स्कूल, कॉलेज डायरेक्टर, प्रिंसिपलों ने बताया कि अनिल चोपड़ा एक ऐसी शख्सियत थे जिन्हें परिचय की जरूरत नहीँ। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और समाज सेवा को समर्पित कर दिया। उनकी माता स्व. शांता चोपड़ा द्वारा 1958 में शुरू किए गए एक कमरे और तीन बच्चों के स्कूल को उन्होंने 36 स्कूल और 23 कॉलेज स्थापित कर सेंट सोल्जर ग्रुप आफ इंस्टीच्यूशन्स को उतरी भारत का सबसे बड़ा शिक्षा ग्रुप बना दिया। ईश्वर उनकी आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें।