Home Education एलपीयू में एनालिटिक्स लीडरशिप समिट 2025 ने डेटा-संचालित बिजनेस रेवोल्यूशन पर की...

एलपीयू में एनालिटिक्स लीडरशिप समिट 2025 ने डेटा-संचालित बिजनेस रेवोल्यूशन पर की चर्चा

डेटा पर अधारित निर्णय लेने के लिए नए रूप रेखा तैयार करने के लिए एलपीयू में एजुकेशनिस्ट और इंडस्ट्री के लीडर्स एक साथ इक्ट्ठा हुए

जालंधर; लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में आयोजित एनालिटिक्स लीडरशिप समिट 2025 ने बिजनेस के भविष्य पर एक महत्वपूर्ण चर्चा की, जिसमें इस बात पर ज़ोर दिया गया कि डेटा-पर आधारित निर्णय लेना सिर्फ फायदेमंद नहीं, बल्कि आधुनिक लीडरशिप के लिए अति आवश्यक है। मित्तल स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा ईवाई के सहयोग से करवाए गए इस सम्मेलन में सैकड़ों छात्रों और शिक्षकों के साथ टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, साइबर सिक्योरिटी और ह्यूमन रिर्सोस के लीडर्स एक साथ इक्ट्ठा हुए।
एलपीयू के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. लोवीराज गुप्ता ने किसी भी कंपनी की प्लेनिंग को आगे बढ़ाने में एनालिटिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया। डॉ. गुप्ता ने कहा कि आज के डेटा से भरे इस सिस्टम में, सफलता केवल जानकारी एकत्र करने पर ही नहीं, बल्कि रणनीतिक और प्रभावशाली निर्णय लेने के लिए उनका सही तरीके से इस्तेमाल करने पर निर्भर करती है।
इस में विशेषज्ञों का एक प्रभावशाली पैनल शामिल था, जिसमें उन्होंने थिय्योरी को रियल वर्ल्ड प्रैक्टिस में बदला। इनमें आईएफ एक्सा के सीईओ गौरव जैन, टाइम्स नेटवर्क के सिद्धार्थ सुब्रमण्यम, केलानोवा साउथ एशिया की सीएफओ सुरभि मेहरोत्रा, आईआईएफएल फाइनेंस की प्रेजिडेंट और सीएचआरओ प्रीति कन्नन, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सीआईएसओ चंद्रशेखर चेट्टियार और ओमीफिन ग्रुप के डायरेक्टर विकास गोयल शामिल थे।
चर्चा में विस्तार से बताया गया कि कैसे एनालिटिक्स पारंपरिक रिपोर्टिंग से विकसित होकर फाइनेंस, ह्यूमन रिर्सोस, टेक्नोलॉजी, ऑपरेशन और रिस्क मैनेजमेंट आदि में रणनीतिक निर्णय लेने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक डेटा नंबर में ऐसे निर्णय लेने की क्षमता होती है जो लाभ, प्रक्रियाओं, लोगों और लंबे समय तक किसी भी कंपनी की ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं। इस दौरान पता लगा कि कैसे यह एनालिटिक्स नई हलचल, लचीलापन और इनोवेशन को आसान बनाते है, और कैसे लीडर्स इस नॉलेज को एक्शन में बदल कर उन्हें स्टेकहोल्डर्स के लिए महत्वपूर्ण बना सकते है।
इस समिट ने किताबी नॉलेज और प्रैक्टिल के बीच की दूरी को खत्म किया। छात्रों ने लीडर्स के साथ सीधे बातचीत की और करियर के रास्तों और सफलता के लिए आवश्यक स्किल्स के बारे में प्रश्न पूछे।
समिट के अंत पर यूथ को संदेश मिला की नए बिजनेस में पूरी आत्मविश्वास के साथ लीड करने के लए डेटा साक्षरता, रणनीतिक दृष्टि और सहयोगात्मक स्किल्स को हासिल करना आवश्यक है। एनालिटिक्स विचार लीडरशिप के एक मान्यता प्राप्त केंद्र के रूप में, एलपीयू और मित्तल स्कूल ऑफ बिजनेस नए मौके और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और डेटा-संचालित भविष्य को आगे बढ़ाने वाले सहयोगी अवसरों के लिए खुले हैं।