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ITR Refund में हो रही देरी? ये गलतियां बन सकती हैं वजह, पढ़ें व जानें

बयूरो: आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 तेजी से नजदीक आ रही है। देशभर के करोड़ों टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न पहले ही दाखिल कर चुके हैं, और कई लोगों को आयकर रिफंड भी मिल चुका है। हालांकि, ऐसे भी कई करदाता हैं जिन्हें अभी तक टैक्स रिफंड नहीं मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रिफंड में देरी के पीछे कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।

आमतौर पर 7 से 15 दिन में मिल जाता है रिफंड
यदि आपने सही ढंग से और समय पर रिटर्न दाखिल कर ई-वेरिफाई कर दिया है, तो आमतौर पर रिफंड 7 से 15 दिनों के भीतर आपके बैंक खाते में आ जाता है। कुछ मामलों में यह समय एक हफ्ते से भी कम हो सकता है। लेकिन अगर कोई गलती या गड़बड़ी होती है, तो रिफंड प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है।

रिफंड में देरी के प्रमुख कारण

1. गलत या अधूरी बैंक डिटेल्स
रिटर्न दाखिल करते समय अगर बैंक खाता संख्या, IFSC कोड या नाम गलत दर्ज किया गया है, तो रिफंड ट्रांसफर नहीं हो पाएगा। इसलिए हमेशा बैंक संबंधी जानकारी की सही से जांच करें।

2. फॉर्म 26AS या AIS से मेल न खाना
आपके ITR और आयकर विभाग के पास मौजूद फॉर्म 26AS या AIS में कोई अंतर होने पर भी प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है। जैसे अगर आपने किसी आय का उल्लेख नहीं किया या टीडीएस क्रेडिट का गलत दावा किया है।

3. ITR का ई-वेरिफिकेशन नहीं होना
सिर्फ रिटर्न फाइल कर देना काफी नहीं है, उसे ई-वेरिफाई करना भी अनिवार्य होता है। बिना ई-वेरिफिकेशन के ITR प्रोसेसिंग शुरू नहीं होती, जिससे रिफंड अटक जाता है।

4. विभागीय जांच या स्क्रूटनी
अगर रिटर्न में किसी बड़ी राशि का दावा किया गया है या कोई अनियमितता नजर आती है, तो आयकर विभाग रिटर्न को जांच के लिए होल्ड कर सकता है। ऐसे मामलों में भी रिफंड में देरी होती है।

5. पहले से बकाया टैक्स
यदि करदाता पर पहले से कोई टैक्स बकाया है, तो आयकर विभाग नए रिफंड को उसी में एडजस्ट कर सकता है। ऐसे में विभाग नोटिस भेजकर जानकारी देता है और रिफंड रोका जाता है।

देरी होने पर क्या करें?
अगर आपने रिटर्न सही समय पर फाइल कर दिया है और ई-वेरिफाई भी कर चुके हैं, फिर भी रिफंड नहीं आया है, तो आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर ITR प्रोसेसिंग स्टेटस चेक करें। यदि प्रोसेस हो चुका है और रिफंड ‘Issued’ दिखा रहा है, तो अपने बैंक स्टेटमेंट की जांच करें।