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एलपीयू के 850 से अधिक छात्रों ने अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सहित 80 से अधिक देशों में ग्लोबल अवसर प्राप्त किए हैं

वैश्विक छात्र गतिशीलता को समर्थन देने के लिए ₹10.23 करोड़ की इंटरनेश्नल स्कॉलरशिप दी गईं

दुनिया भर की 530 से अधिक यूनिवर्सिटी एलपीयू के ग्लोबल एकेडमिक नेटवर्क का हिस्सा हैं

जालंधर; ग्लोबल एकेडमिक एक्सीलेंस के प्रति अपनी प्रतिवद्धा को पूरा करते हुए, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए एक बेहतरीन यूनिवर्सिटी के रूप में है। एलपीयू के 850 से अधिक छात्रों ने 80 से अधिक देशों की लीड कर रही यूनिवर्सिटी में शिक्षा, रिसर्च के अवसर सफलतापूर्वक प्राप्त किए हैं। यह वैश्विक पहुँच यूनिवर्सिटी की दुनिया भर के 530 से अधिक टॉप यूनिवर्सिटी के साथ व्यापक कोलेबोरेशन द्वारा समर्थित है, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राज़ील, कोलंबिया, स्पेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण कोरिया और पोलैंड के संस्थान शामिल हैं।
इसमें समर स्कूल कार्यक्रमों, इंटरनेशनल रिसर्च और स्टूडेंट एक्सचेंज अवसरों के साथ-साथ विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थानों में पूर्ण क्रेडिट स्ट्रांफऱ प्रोग्राम शामिल है। इन अंतर्राष्ट्रीय गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए, छात्रों को ग्लोबल स्कॉलरशिप के रूप में ₹10.23 करोड़ मिले, जिससे विदेश में शिक्षा हासिल करना उनके लिए ओर भी आसान हो गया।
राज्यसभा सांसद और एलपीयू के संस्थापक फाउंडर चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा, “एलपीयू में अंतर्राष्ट्रीयकरण काफी लंबे समय के एकेडमिक विजन और रणनीतिक साझेदारियों से प्रेरित है। हमारा लक्ष्य हमेशा से ही सार्थक और सही रिजल्ट देने वाले अवसरों के माध्यम से छात्रों को एक वैश्विक मंच प्रदान करना रहा है। वैश्विक संबंधों और एकेडमिक मोबिलिटी में निरंतर निवेश के साथ, एलपीयू न केवल ग्लोबल स्तर पर अपनी पहुँच को सक्षम बना रहा है, बल्कि एक ऐसा मॉडल भी बना रहा है जहाँ अंतर्राष्ट्रीय अनुभव भारत में शिक्षा का एक अभिन्न अंग बन जाए।”
आजकल अधिक से अधिक छात्र सक्रिय रूप से ग्लोबल अनुभव प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई छात्र सही जानकारी न होने के कारण काफी मुश्किल का सामना करते हैं। एलपीयू अपने इंटरनेशनल अफेयर्स विभाग के माध्यम से इस अंतर को खत्म करते हुए एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है जो छात्रों को सही अवसरों की पहचान करने, एप्लिकेशन को मैनेज करते हुए पूरे कांफिडेंस और सही तरीको के साथ अंतर्राष्ट्रीय रास्तों पर आगे बढ़ने में मदद करता है।
इन मौको को एक विशेष स्टाफ इकोसिस्टम मजबूत कर रहा है, जिसमें 50 से अधिक देशों के 200 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय स्टाफ सदस्य और 1,000 से अधिक अतिथि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय शामिल हैं, जो कैंपस में इंटर कल्चर एकेडमिक संवाद में पूरी तरह से योगदान करते हैं। रिसर्च के क्षेत्र में एलपीयू एक शानदार यूनिवर्सिटी बन चुकी है, जहाँ यूके, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, रूस और अन्य देशों के विशेषज्ञों के साथ मिलकर विभिन्न पीएचडी स्कॉलर्स को को-सूपरविजन मिलता है और एक मजबूत क्रास बॉर्डर एकेडमिक मॉडल का निर्माण करता है।
एलपीयू के अंतर्राष्ट्रीयकरण के दृष्टिकोण को साझा करते हुए, एलपीयू के वाइस प्रेजिडेंट डॉ. अमन मित्तल ने कहा, “ग्लोबल अनुभव कोई लक्जरी नहीं है; यह आधुनिक विद्यार्थी के लिए एक आवश्यकता है। उपलब्ध कई विकल्पों में से, क्रेडिट ट्रांसफर प्रोग्राम छात्रों के लिए एलपीयू में अपनी शिक्षा शुरू करने और बाद में टॉप इंटनेश्नल यूनिवर्सिटी में प्रवेश पाने के लिए सबसे उपयुक्त है। यह वीज़ा में देरी या अनिश्चितताओं के बावजूद भी पाठ्यक्रम पर बने रहने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उनकी ग्लोबलशिक्षा हासिल करने की इच्छा बिना किसी मुश्किल पूरी हो सके।”
एलपीयू ने एकेडमिक एक्सचेंज और शार्ट टर्म प्रोग्राम के माध्यम से 500 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का स्वागत किया है, जिनमें फ्रांस, इंडोनेशिया, रूस और अमेरिका जैसे देशों से विद्यार्थी शामिल हैं।
अपने ग्लोबल लीडरशिप को मान्यता देते हुए, एलपीयू ने 3 मिलियन यूरो का इरास्मस फंडिंग भी हासिल किया है, जिसका उद्देश्य यूरोप भर के अग्रणी संस्थानों के साथ संयुक्त रिसर्च, एकेडमिक विकास और स्टूडेंट-स्टाफ मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।