



यूएफबीयू का कहना है कि सभी सदस्य इस बात से अवगत हैं कि एक तरफ जहां महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, वहीं दूसरी तरफ नए मामले सामने आ रहे हैं। इसलिए, उचित चर्चा और विचार-विमर्श के बाद, 24 और 25 मार्च, 2025 को 2 दिवसीय निरंतर हड़ताल के साथ एक आंदोलन कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया है जिसमें सभी स्तरों पर नई भर्ती और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह शामिल है। उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी एक्ट में संशोधन कर इसकी सीमा बढ़ाकर सरकारी कर्मचारियों के लिए योजना के अनुरूप 25 लाख रुपये की जानी चाहिए। साथ ही यूएफबीयू बैंकों में स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग और बैंकिंग उद्योग में अनुचित श्रम प्रथाओं का विरोध करती है।