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एलपीयू के छात्र निखिलन जे.एम. दुनिया की सबसे बड़ी ग्लोबल स्किल्स प्रतियोगिता, ‘वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026’ में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे

रीजनल गोल्ड और इंडियास्किल्स सिल्वर मेडल जीतकर, एलपीयू के निखिलन ने यूएसए टेक्नोलॉजी में ‘वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026’ में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान हासिल किया

ब्यूरो; लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने वैश्विक स्तर पर प्रतियोगिता प्रतिभाओं को निखारने की अपनी परंपरा में एक और उपलब्धि जोड़ी है। बी.टेक एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के छात्र निखिलन जे.एम. को चीन के शंघाई में होने वाली 48वीं ‘वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता’ में ‘अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स टेक्नोलॉजी’ स्किल कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। व्यावसायिक और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में पहचाने जाने वाले इस प्रतिष्ठित आयोजन में 70 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 1,400 से अधिक प्रतियोगी हिस्सा लेंगे। वे 64 स्किल कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करेंगे और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी व इंडस्ट्री के भविष्य का प्रदर्शन करेंगे। निखिलन का चयन उन्हें उन बेहतरीन युवा प्रोफेशनल्स की श्रेणी में लाता है जिन्हें दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी मंचों में से एक पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है।

निखिलन ने राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के दौरान शानदार प्रदर्शन करके भारतीय दल में अपनी जगह बनाई। उनकी यात्रा में अद्भुत निरंतरता और तकनीकी उत्कृष्टता देखने को मिली। उन्होंने पहले रीजनल स्किल्स प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता और फिर ‘इंडियास्किल्स प्रतियोगिता 2025–26′ में अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स टेक्नोलॉजी’ कैटेगरी में सिल्वर मेडल हासिल किया।

इस ग्लोबल प्रतियोगिता में, निखिलन ‘अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स टेक्नोलॉजी’ कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करेंगे। इसमें प्रतिभागियों का मूल्यांकन एडवांस्ड अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स को असेंबल करने, कॉन्फ़िगर, कैलिब्रेट, प्रोग्राम करने, ट्रबलशूट, रिपेयर और ऑपरेट करने के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, उन्हें अंतरराष्ट्रीय इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स के अनुसार जटिल और वास्तविक दुनिया के मिशन पूरे करने होंगे।

एलपीयू के फाउंडर चांसलर और सांसद (राज्यसभा) डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा, “उभरती हुई ग्लोबल नॉलेज इकॉनमी में, किसी देश की असली ताकत उसके संसाधनों के पैमाने से नहीं, बल्कि उसके कुशल मानव संसाधन की गहराई से तय होगी। एलपीयू में हमने एक ऐसा इकोसिस्टम बनाया है जहाँ इंडस्ट्री का अनुभव, रिसर्च, इनोवेशन और प्रैक्टिकल लर्निंग मिलकर छात्रों को अपनी क्षमता को ग्लोबल लेवल की काबिलियत में बदलने में मदद करते हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि निखिलन शानदार प्रदर्शन करेंगे और अनगिनत युवा भारतीयों को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए प्रेरित करेंगे।”

 निखिलन की उपलब्धि एलपीयू के इनोवेशन-आधारित एकेडमिक इकोसिस्टम को दिखाती है, खासकर ‘डिपार्टमेंट ऑफ़ स्टूडेंट रिसर्च एंड प्रोजेक्ट्स’ को, जहाँ छात्र अनुभवी फैकल्टी सदस्यों, रिसर्चर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की देखरेख में इंडस्ट्री-ओरिएंटेड रिसर्च और टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं। रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, एम्बेडेड सिस्टम, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स, प्रोडक्ट डिज़ाइन और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे अत्याधुनिक इनोवेशन स्टूडियो के ज़रिए, छात्र असल दुनिया की समस्याओं के समाधान विकसित करने का प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करते हैं। इनोवेशन के कल्चर ने लगातार नेशनल चैंपियन, ग्लोबल फाइनलिस्ट, पेटेंट होल्डर, स्टार्टअप फाउंडर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले इनोवेटर तैयार किए हैं, जिससे भविष्य के लिए तैयार टैलेंट के एक प्रमुख केंद्र के रूप में एलपीयू की स्थिति और मज़बूत हुई है।