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द नोबेल स्कूल ने देशभक्ति के उत्साह के साथ 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया

ब्यूरो: द नोबेल स्कूल में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस अत्यंत उत्साह, देशभक्ति की भावना और राष्ट्र के प्रति गर्व के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने एकजुट होकर भारत की स्वतंत्रता का स्मरण किया तथा एकता, साहस और देशभक्ति की भावना को सम्मानित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण समारोह के साथ हुआ, जिसके पश्चात विद्यालय का गौरवमयी स्कूल गीत “Nobelians Will Be” प्रस्तुत किया गया। ध्वजारोहण स्वतंत्रता, ज्ञान और आशा की विजय का प्रतीक बना, वहीं स्कूल गीत ने समारोह में गर्व और अपनेपन की भावना को और अधिक प्रबल किया।

इसके बाद नन्हे कलाकारों ने प्रेरणादायक देशभक्ति प्रस्तुतियों की श्रृंखला प्रस्तुत की। कक्षा III के विद्यार्थियों ने “फिर भी दिल है हिंदुस्तानी” पर मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया, जबकि कक्षा V के विद्यार्थियों ने “ओ देश मेरे कंधों से मिलते” प्रस्तुत किया। कक्षा VIII के विद्यार्थियों ने “It’s Happened Only in India” के माध्यम से भारत की अनूठी विविधता और विशेषताओं को शानदार ढंग से प्रस्तुत किया।

कक्षा VII के विद्यार्थी हरवीन ने “फौजी पुत्त” पर विशेष एकल प्रस्तुति देकर भारतीय सैनिकों के शौर्य, वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित की। देशभक्ति का उत्साह आगे भी जारी रहा, जब कक्षा VI के छात्रों ने “मेरा देश होवे पंजाब” प्रस्तुत किया और कक्षा V की छात्राओं ने “तिरंगा” की प्रस्तुति के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज के तीन रंगों की खूबसूरती और गौरव को जीवंत कर दिया।

इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन प्रो. सी. एल. कोछड़, मैनेजिंग डायरेक्टर इंजी. कुमार शिव कोछड़, डायरेक्टर सरोज शर्मा तथा प्रिंसिपल रविंदर कौर ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

समारोह में विद्यालय के चेयरमैन प्रो. सी. एल. कोछड़ ने प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने स्वतंत्रता के महत्व, नागरिकों की जिम्मेदारियों, एकता तथा राष्ट्र की प्रगति में सकारात्मक योगदान देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने तथा देशभक्ति और सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम, गर्व और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा से भर दिया। यह समारोह देशभक्ति, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और युवाओं के उत्साह का सुंदर संगम रहा तथा सभी के हृदय में राष्ट्र के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना को और अधिक प्रगाढ़ कर गया।