मुख्यमंत्री ने कहा कि सिस्टम में नौजवानों का बढ़ता भरोसा और विदेशों की ओर पलायन का घटता रुझान इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि नौजवानों को प्रदेश में पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए नौकरियां मिल रही हैं। शिक्षा में पंजाब की प्रगति को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश ने केरल को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया है और सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने नीट (राष्ट्रीय योग्यता-कम-प्रवेश परीक्षा) पास करके इस तबदीली पर मोहर लगाई है।
उन्होंने पोस्ट के अंत में लिखा “शिक्षा क्षेत्र में आज पंजाब ने केरल को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। नीट परीक्षा में सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों की सफलता इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है। हमारे नौजवानों में अथाह क्षमता है; हम तो सिर्फ उन्हें सही दिशा प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा कि हम आपको खुला आसमान प्रदान करेंगे, जहां अपने पंखों से उड़ान आपको भरनी है। सबको बधाईयां।”