ब्यूरो: 7 सितंबर को साल का आखिरी व दूसरे चंद्र ग्रहण के कारण आसमान में ‘ब्लड मून’ का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। यह ग्रहण 7 सितंबर को रात 09.58 बजे आरंभ होगा और रात 01.26 बजे ग्रहण की समाप्ति होगी लेकिन सूतक दोपहर 12:19 बजे से शुरू होगा और इसकी समाप्ति 8 सितंबर 2025 को 01:26 AM पर होगी। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे ब्लड मून के नाम से जाना जाता है। इस दुर्लभ घटना के दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरेगा, जिसमें चंद्रमा धीरे-धीरे लाल और नारंगी रंग में चमकेगा। यह ग्रहण कुल 82 मिनट का होगा। यह ग्रहण भारत में नजर आएगा, जिसके कारण सूतक काल मान्य होगा। ग्रहण समाप्त होने के साथ ही सूतक काल भी खत्म हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के समय पूजा-पाठ व मांगलिक कार्यों की मनाही होती है।
इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर को 12.57 बजे शुरू होगा. इसी समय देशभर के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. भारत में दृश्यमान चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लागू हो जाता है, जिसमें मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं. ताकि श्रद्धालु भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न कर पाएं. सूतक में पूजा-पाठ भी बंद रहती है.
ज्योतिषविदों के अनुसार, यह भारत के लिहाज से भी अशुभ संकेत दे रहा है. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब की स्थिति बिगड़ सकती है. पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष समस्याएं हो सकती हैं. प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक उथल-पुथल के योग बनेंगे. बड़े राजनेताओं के भविष्य और स्वास्थ्य के लिए कठिन समय हो सकता है. भारत-पाक सीमा पर तनाव बढ़ सकता है.
गर्भवती महिलाएं बरतें विशेष सावधानी
चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू होने के बाद गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. उन्हें खाना पकाने से बचना चाहिए. तवा या कढ़ाही में कुछ तलने या छोंकने से बचना चाहिए. नुकीली या धारदार चीजें जैसे चाकू, कैंची, सुई आदि का इस्तेमाल न करें. ग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलें. किसी सुनसान जगह पर जाने से बचें.