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जालंधर: कहीं जल भराव कहीं धंसी नई बनी सड़कें तो कहीं टूट कर गिरे पेड़, विभिन्न डेम से छोड़ा जा रहा बड़ी मात्रा में पानी, पढ़ें 30 अगस्त तक क्या है मौसम विभाह का अलर्ट

बयूरो: जालंधर में लगातार 2 से अधिक दिनों से हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार सुबह डीएवी कॉलेज के पास बने फ्लाईओवर पर अचानक एक बड़ा सफेदे का पेड़ गिर पड़ा। गनीमत यह रही कि उस समय वाहन वहां से गुजर तो रहे थे, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। लोग हादसे से बाल-बाल बच गए। पेड़ गिरने से फ्लाईओवर पर लंबा जाम लग गया और ट्रैफिक को दूसरी ओर डायवर्ट करना पड़ा।

सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और पेड़ को हटाने का काम शुरू किया। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि बारिश के दौरान सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाएं, क्योंकि जगह-जगह पानी भरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की संभावना बनी रहती है। जालंधर नगर निगम द्वारा हाल ही में बनाई गई करोड़ों रुपए की सड़कें बरसात के इस सीजन दौरान बुरी तरह उखड़ गई हैं जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। पिछले कुछ महीनों में निगम ने शहर की अधिकतर सड़कों पर लुक बजरी डालकर मुरम्मत और नई सड़क बनाने का दावा किया था। इस पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन बरसात के चल रहे दौर ने इन दावों की पोल खोल कर रख दी है। सड़कों पर पानी भरने से जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं।

वहीं, सड़क उखड़ने से फैली बजरी पर फिसलकर लोग घायल हो रहे हैं। राहगीरों और वाहन चालकों को आए दिन चोटिल होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों को जनता की किसी भी तरह की चिंता नहीं है। हालात ऐसे हैं कि शहरवासी भगवान भरोसे होकर रह गए हैं। स्थिति यह है कि कई इलाकों में पैदल निकलना तो दूर, वाहनों का चलाना भी बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। शहर का बुरा हाल देखकर लोग निगम प्रशासन को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।वहीं पंजाब में हो रही मूसलाधार बारिश के कहर से कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं जिसके चलते कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए है वहीं पठानकोट में पुराना पुल ढह गया है। मौसम विभाग ने 30 अगस्त तक कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसमें 28 अगस्त को कुछ राहत रहने की उम्मीद है, लेकिन बाकि दिन विभिन्न जिलों में भारी बारिश का क्रम देखने को मिलेगा। इसके लिए विभाग द्वारा यैलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बारिश के चलते पंजाब के एवरेज तापमान में 4.7 डिग्री की गिरावट देखने को मिली जोकि नार्मल तापमान से 6.9 डिग्री सैल्सियस नीचे बताया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब में भारी बारिश रिकार्ड हुई।

उधर, जालंधर व पठानकोट में शनिवार रात से हो रही बारिश के बाद राज्य के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। बांध परियोजना के प्रोजेक्ट मंडल के एक्सियन गगनदीप सिंह ने बताया कि बांध प्रशासन की ओर से रावी दरिया के किनारे बसे लोगों को किसी सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहां जा रहा है।

हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भाखड़ा डैम की गोविंद सागर झील में पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है। सोमवार शाम 6 बजे तक भाखड़ा डैम का जलस्तर 1669.98 फीट दर्ज किया गया और पानी के बहाव में भारी वृद्धि दर्ज की गई।

सोमवार शाम को गोविंद सागर झील में 87,795 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया और डैम से टरबाइनों व फ्लड गेटों के माध्यम से नंगल डैम झील में करीब 40,828 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। भाखड़ा डैम की जलस्तर क्षमता 1680 फीट तक है और अब पानी का स्तर खतरे के निशान से केवल 10 फीट दूर है।

नंगल हाइडल नहर में 12,350 क्यूसेक, श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 10,150 क्यूसेक पानी छोड़ने के अलावा नंगल डैम से सतलुज नदी में 21,150 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।