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जालंधर में आयोजित हुआ दिव्य गुप्त विज्ञान ध्यान सत्र, आचार्य पूनम अग्रवाल ने कराया मार्गदर्शन

ब्यूरो:  आज जालंधर में एक विशेष दिव्य गुप्त विज्ञान (Divine Secret Science) ध्यान सत्र का आयोजन हुआ, जिसका मार्गदर्शन दिल्ली से पधारी आचार्य पूनम अग्रवाल जी ने किया। यह ध्यान विधि सद्गुरु स्वामी श्री कृष्णानंद जी महाराज द्वारा स्थापित की गई है, जो वैज्ञानिक आधार पर आधारित एक शक्तिशाली ध्यान पद्धति है।

यह सत्र सद्विप्र समाज सेवा, जालंधर द्वारा आयोजित किया गया। छह घंटे चले इस ध्यान कार्यक्रम में 6 प्रतिभागियों ने भाग लिया और इस अनूठी साधना विधि के माध्यम से आत्मिक शांति, मानसिक संतुलन एवं आध्यात्मिक जागृति की दिशा में कदम बढ़ाया।

दिव्य गुप्त विज्ञान क्या है?

मानव शरीर ऊर्जा का एक अद्वितीय केन्द्र है। जो कुछ भी हम इस ब्रह्माण्ड में देखते हैं, उसकी सम्पूर्ण शक्ति परमात्मा ने इस छोटे से मानव शरीर में भर दी है। मनुष्य अपने भीतर ही इन समस्त शक्तियों को जागृत करके प्राप्त कर सकता है।

योगी और संन्यासी वर्षों की कठोर तपस्या के पश्चात जिस ऊर्जा को जान पाते हैं, उसी दिव्य ऊर्जा को श्री सद्गुरु स्वामी श्री कृष्णानंद जी महाराज ने अपनी गहन तप-साधना एवं गुरु अनुकंपा से प्राप्त किया और जनकल्याण हेतु इस Divine Secret Science (दिव्य गुप्त विज्ञान) का द्वार समस्त मानव जाति के लिए खोल दिया।

यह ऊर्जा शक्ति सकारात्मक विचारों के माध्यम से प्रवाहित होती है और नकारात्मक विचारों के कारण अवरुद्ध हो जाती है। इसके माध्यम से न केवल असाध्य रोगों का निवारण संभव है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति, व्यापार में वृद्धि, स्मरण शक्ति में सुधार, व्यक्ति के विचारों में सकारात्मक परिवर्तन, कुण्डलिनी जागरण जैसे अद्भुत कार्य किए जा सकते हैं।

इस ऊर्जा का प्रभाव न केवल मानवों पर, बल्कि पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों तथा निर्जीव वस्तुओं पर भी समान रूप से देखा गया है।

इस आयोजन को सफल बनाने में संदीप साहनी, जसकरण सिंह, नीरज चौहान, पूरणचंद, अक्षुण साहनी , सुषमा जी , श्रिया साहनी , अमनजोत कौर , आशना साहनी और गुरुप्रीत का विशेष योगदान रहा। सभी ने मिलकर न केवल आयोजन को सुचारू रूप से संचालित किया, बल्कि उपस्थित साधकों का उत्साहवर्धन भी किया।

यह ध्यान सत्र आत्मिक जागृति और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही। भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रमों का आयोजन विभिन्न शहरों में किया जाएगा।

अधिक जानकारी एवं आगामी आयोजनों के लिए संपर्क करें — सद्विप्र समाज सेवा, जालंधर