ब्यूरो: कोर्ट के निर्देश पर अधिकारियों द्वारा पटियाला के डिप्टी कमिश्नर की सरकारी इनोवा गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। इसी के साथ ही उनके वेतन का एक तिहाई हिस्सा अटैच कर लिया गया है। यह सख्त कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा एक विभाजन पीड़ित परिवार को 100 बीघा जमीन लौटाने या मुआवजा देने के आदेश का पालन न करने पर की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि डीसी यादव द्वारा उपयोग की जा रही सरकारी गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। वहीं एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ईशा सिंघल के हस्तक्षेप के चलते एसी और फर्नीचर जैसे अन्य सामानों को जब्त करना फिलहाल टाल दिया गया। इसके बाद अब अगली कार्रवाई के लिए प्रशासन और राज्य सरकार को सोमवार 21 अप्रैल तक का समय दिया गया है।
आपको बता दें कि ये मामला 1947 के विभाजन से जुड़ा है। विवादित जमीन पटियाला जिले के झिल्ल गांव में है जो मूल रूप से गुलाम मोहम्मद के नाम पर थी। विभाजन के समय वह मालेरकोटला चले गए थे और 30 नवंबर, 1947 को उनका निधन हो गया। इसके बाद साल 2006 में उनकी बेटी कनीज़ फातिमा ने इस जमीन को वापस पाने या उसकी बाजार में कीमत के अनुसार मुआवजा पाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी। साल 2014 में स्थानीय अदालत ने पंजाब सरकार को आदेश दिया था कि या तो जमीन वापस की जाए या उसके बराबर मुआवजा दिया जाए।
इसके बाद राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया पर दोनों अदालतों ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया। इसके बावजूद अभी तक पीड़ित परिवार को कोई मुआवजा नहीं मिला है। इसे लेकर कनीज फातिमा के वकील आर.के. नागपाल ने कहा कि छह साल बीत चुके हैं लेकिन एक पैसा तक नहीं दिया गया। सरकार की तरफ से कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया है।