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जालंधर: क्या बिट्टू मक्कड़ दिमागी ठीक हैं? चलती प्रेस वार्ता में निकालने लगे गालियां, मीडिया कर्मियों से भी की बदसलूकी, पढ़ें क्या बोले अक्सर झूठे आरोप लगाने वाले ‘बिट्टू भाजी’

बयूरो: अपने भाइयों को करोड़ों की प्रॉपर्टी बेच धोखा देने वाले भूपिंदर सिंह बिट्टू मक्कड़ प्रेस वार्ता करने स्थानीय प्रेस क्लब पहुंचे जहाँ वह दिमागी ठीक हालातों में नहीं दिखे। मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों के सवालों के जवाब में जो उन्होंने कहा उससे ऐसा लगा जैसे वह नशे में जो या दिमागी ठीक न हों।

दरअसल लोगों पर झूठे आरोप लगाना बिट्टू मक्कड़ का पुराना कार्य रहा है। यहां तक कि एक बार तो बिट्टू मक्कड़ की उम्र देख उनके आरोपों पर जालंधर पुलिस ने निर्दोष आढ़ती मोनू पुरी पर FIR भी दर्ज कर दी थी जबकि तत्पश्चात आरोप सरासर झूठे सिद्ध हुए। ऐसे हालातों में प्रेस वार्ता करने पहुंचे बिट्टू मक्कड़ से मीडिया कर्मियों ने उन द्वारा लगाए आरोपों पर सवाल किए तो जैसे कोई झूठा व्यक्ति भड़क जाता है, वैसे भड़क गए और बदसलूकी के साथ साथ गंदी गलियां चलती प्रेस वार्ता में निकालने लगे।

यही नहीं उन्होंने आरोप लगाए कि जब वह भाई दविंदर सिंह मक्कड़ के पेट्रोल पंप पर गए तो वहाँ मौजूद उनके दौहते ने उनकी पिस्तौल व 50 हजार रुपय निकाल लिए। इसी से मिलते जुलते आरोप बिट्टू मक्कड़ ने मोनू पुरी पर लगाए थे, जो बाद में झूठे निकले थे। तो मीडिया ने सवाल तो करने ही थे। लेकिन जब वह भड़के और गलियां निकालने लगे तो ऐसा प्रतीत हुआ कि या तो वह अकड़ व नशे में हैं या दिमागी ठीक नहीं हैं।

बिट्टू मक्कड़ अनुसार उनका बड़ा भाई दविंदर सिंह मक्कड़ उनके दूसरे भाई सर्बजीत की शह पर पेट्रोल पंप पर कब्जा किए हुए है, जबकि यह पंप करीब 15 वर्ष पहले बिट्टू भाजी अपने भाई को किसी पारिवारिक हिस्से के चलते दे चुके हैं। और बीमारी का वेरवा देने वाले बिट्टू जी भूल गए कि मीडिया हॉस्पिटल से बीमारी का रिकॉर्ड लेकर क्या करेगा, बल्कि लगाए गए आरोपों के सबूत पूछेगा। उसी सवाल पर वह भड़क गए। पिस्तौल छीनने की बात रही तो CCTV में वह खुद भाई के दोहते पर तानते दिखाई दे रहे हैं।

और तो और मौके पर खुद को 1000 करोड़ का मालिक बताने वाले बिट्टू मक्कड़ अब पारिवारिक करीब 150-200 करोड़ की प्रॉपर्टी खुद ही बेच हड़प रहे हैं। जबकि वह Hotel M1 को डुबो चुके हैं। वहीं मक्कड़ मोटर में अगर महिंद्रा की जगह कोई कम बिकने वाली गाडी की एजेंसी हो तो वह भी डूबी समझो। वहीं दामाद को बात बात पर खरी खोटी सुनाने वाले बिट्टू मक्कड़ जब सगे भाइयों व भगवान रूप दामाद (जो प्रेस क्लब परिसर में अपने ससुर बिट्टू मक्कड़ को घर के मामले में मीडिया समक्ष न जाकर बल्कि घर में बैठ कर सुलझाने की बात कहता दिखाई दे रहा था) के सगे न हो पाए, तो वह शहर में किसी के क्या सगे होंगे या उनसे बदसलूकी भरा बर्ताव भांपा जा सकता है।AraynAdd