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जालंधर: DBA द्वारा LADC के विरोध में भूख हड़ताल 6ठे दिन तो धरना 22वें दिन भी लगातार रहा जारी, पढ़ें व देखें

आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचा, 7 अगस्त को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में होगा विशाल प्रदर्शन

बयूरो (गोलमाल न्यूज़) : लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) नीति के विरोध में पंजाब, हरियाणा एवं यू.टी. चंडीगढ़ के अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार मजबूत होता जा रहा है। पूरे पंजाब में आज भूख हड़ताल छठे दिन भी जारी रही, जबकि धरना 22वें दिन भी लगातार जारी रहा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक LADC नीति वापस नहीं ली जाती, तब तक उनका लोकतांत्रिक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।

आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की जनरल हाउस बैठक आयोजित हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। बैठक में अधिवक्ता अरविंद सेठ द्वारा अधिवक्ताओं के आंदोलन के विरुद्ध दायर रिट याचिका पर गंभीर आपत्ति व्यक्त करते हुए उन्हें शो कॉज़ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया कि पंजाब, हरियाणा एवं यू.टी. चंडीगढ़ में LADC के रूप में कार्यरत अधिवक्ताओं के लाइसेंसों के संबंध में 30 जुलाई 2026 से पूर्व संबंधित बार काउंसिल के समक्ष आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने संयुक्त एक्शन कमेटी के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए 30 जुलाई 2026 तक पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हड़ताल जारी रखने की घोषणा भी की।

संयुक्त एक्शन कमेटी ने घोषणा की कि अब यह आंदोलन केवल पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश के अधिवक्ताओं का आंदोलन बनेगा। इसी क्रम में 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के अधिवक्ताओं का विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस के एसीपी कार्यालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ली गई है। संयुक्त एक्शन कमेटी ने देशभर की सभी बार एसोसिएशनों एवं अधिवक्ताओं से इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

आज की भूख हड़ताल में जिला बार एसोसिएशन, जालंधर के प्रधान एडवोकेट आदित्य जैन, सचिव एडवोकेट रोहित गंभीर, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राम छाबड़ा, जॉइंट सेक्रेटरी साहिल मल्होत्रा, जूनियर उप प्रधान सूरज प्रताप, असिस्टेंट सचिव सोनालिका तथा कार्यकारिणी सदस्य पारस चौधरी, नेहा अत्री, मेहुल खन्ना, प्रभु धीर, विजय मिश्रा, अमानत भगत एवं पायल हीर के अतिरिक्त वरिष्ठ अधिवक्ता ओम प्रकाश शर्मा, गुरमेल सिंह लिधड़, पंकज शर्मा, बलविंदरजीत सिंह लक्की, संजीव बंसल, नवतेज सिंह मिन्हास, अशोक कुमार शर्मा, बलदेव प्रकाश, दिनेश जस्सी, ओपिंदर सिंह, जसविंदर सिंह सोढ़ी, सौरभ शर्मा, जगतपाल मैनी, नवनीत नैयर, बलविंदर सिंह कालड़ा, अंजू बाला, अंजलि विरदी, तरसेम सिंह टक्क, अमरिंदर सिंह थिंद, राकेश धीर, सन्नी कुमार, कुणाल गोयल एवं हरप्रीत सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

आज की भूख हड़ताल पर आर. के. भल्ला (पूर्व प्रधान), कंवरजीत सिंह (पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष), संजीव कम्बोज (पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष), अनुज मेहता (पूर्व सचिव), रविश मल्होत्रा (पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष), करण कालिया, विकास कुमार गुप्ता, अमनदीप सिंह जम्मू (पूर्व संयुक्त सचिव), विकास भारद्वाज (पूर्व सहायक सचिव), भूपनेश मेहता (पूर्व सहायक सचिव), मेजर जसवंत सिंह, मनीत मल्होत्रा, मोहित शर्मा (पूर्व कार्यकारिणी सदस्य), नवीन जैन, अर्जुन भल्ला, अर्जुन पाठक, दलीप कुमार, कार्तिक भगत, साहिल, बलविंदर लूथरा, सवराज, वंश, हरप्रीत, युवराज शर्मा, परदीप, शिवाय मेहता, वरुण शौरी, पारस आहूजा, गगनदीप बेदी, अक्ष शर्मा, साहिल आहूजा, विक्रम शर्मा, पंकज भगत तथा करण भगत ने भाग लिया।

संयुक्त एक्शन कमेटी ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि अधिवक्ता समुदाय की स्वतंत्रता, सम्मान और न्याय व्यवस्था की गरिमा की रक्षा के लिए है। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि देशभर के अधिवक्ताओं के सहयोग से यह आंदोलन और अधिक मजबूत होगा तथा सरकार को अधिवक्ताओं की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।