‘द नोबेल स्कूल’ की तीसरी से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने हाल ही में अमृतसर स्थित सांस्कृतिक गाँव ‘साडा पिंड’ के एक रोचक और शैक्षणिक दौरे का आनंद लिया।
ब्यूरो: दिन की शुरुआत गर्मजोशी से स्वागत और स्वादिष्ट पारंपरिक नाश्ते के साथ हुई। विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें मेहंदी लगवाना भी शामिल था। दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने असली मिट्टी के घर देखे, गिद्धा और भांगड़ा जैसे लोक नृत्यों का आनंद लिया तथा फुलकारी कढ़ाई और मिट्टी के बर्तन बनाने जैसी पुरानी कलाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरे का एक मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध ‘मौत का कुआँ’ था। इसके साथ ही बच्चों ने ऊँट की सवारी का भी आनंद लिया। इस अवसर पर स्कूल के अध्यापकगण श्वेता जौहरी, आंचल, परमिंदर कौर, गुरप्रीत कौर, नीरू, दिक्षा, हिमंजा तथा रजनीश कुमार उपस्थित रहे।
इस दौरे में विद्यार्थियों को स्वादिष्ट पंजाबी दोपहर का भोजन भी परोसा गया, जिससे उन्होंने स्थानीय व्यंजनों का असली स्वाद चखा।
यह दौरा न केवल मनोरंजक था बल्कि बहुत ही ज्ञानवर्धक भी साबित हुआ, जिससे विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने में मदद मिली। स्कूल के चेयरमैन प्रो. सी.एल. कोछड़ जी ने कहा, “ऐसे दौरे विद्यार्थियों को हमारे पूर्वजों के रहन-सहन, रीति-रिवाजों और मूल्यों को समझने तथा उनकी सराहना करने में मदद करते हैं।” मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार शिव कोछड़ जी ने कहा कि ऐसे दौरे विरासत के प्रति जिज्ञासा और सम्मान को बढ़ावा देते हैं।