राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल के सुझाव से ‘नेक्स्ट-जेन मल्टीलिंगुअल हैज़र्ड अलर्ट सिस्टम’की सफल टेस्टिंग आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक में डॉ. अशोक मित्तल ने दिया था सुझाव
डॉ. अशोक मित्तल के प्रस्ताव के बाद भारत ने टेस्ट किया ‘नेक्स्ट-जेन मल्टीलिंगुअल हैज़र्ड अलर्ट सिस्टम’
ब्यूरो: भारत सरकार ने 2 मई को देश में आपदा की परिस्थिति से निपटने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश के हर नागरिकों के मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट वाला एक मैसेज भेजा था। जानकारी के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित दूरसंचार विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की बैठक में राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने ये सुझाव दिया था, जिसके बाद इस प्रणाली को लागू किया गया है।
यह आपदा संचार प्रणाली System for Alerting, Communicating, and Handling Emergency Techniques (SACHET) प्लेटफॉर्म और अत्याधुनिक सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का उपयोग करते हुए बाढ़, सुनामी, भूकंप और रासायनिक दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के दौरान नागरिकों को तत्काल और क्षेत्र-विशेष चेतावनी भेजने में काफ़ी मददगार साबित होगी। यह अलर्ट प्रभावित क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन पर सीधे भेजे जाएंगे, जिससे आपातकालीन स्थितियों में नेटवर्क पर दबाव नहीं बढ़ेगा। साथ ही, यह प्रणाली क्षेत्रीय भाषाओं में भी अलर्ट भेजेगी, ताकि स्थानीय लोगों तक जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता ये है कि इसे कई विभागों के सहयोग और जरूरतों के हिसाब तैयार किया गया है। यह तकनीक मौसम, केंद्रीय जल आयोग और भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (समुद्र) सहित विभिन्न एजेंसियों के महत्वपूर्ण डेटा को एक साथ जोड़ता है। यह प्रणाली SACHET पोर्टल के विस्तार के रूप में भी कार्य करेगी और नागरिकों को आपदा संबंधी जानकारी का एकीकृत और व्यापक स्रोत प्रदान करेगी।
भारत सरकार के इस विभागीय बैठक में डॉ. अशोक मित्तल ने 2024 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भारत में आपदा प्रबंधन की कमियों को उजागर किया था। उन्होंने कहा था कि देश के 10% से भी कम जिलों में आपदा प्रबंधन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जबकि ग्राम पंचायतें और शहरी स्थानीय निकाय अभी भी इस व्यवस्था से काफी हद तक जुड़े नहीं हैं।
डॉ. अशोक मित्तल ने समय पर आपातकालीन संचार के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संकट की घड़ी में किसी भी नागरिक को महत्वपूर्ण चेतावनी और आपदा संबंधी जानकारी से वंचित नहीं रहना चाहिए, विशेष रूप से तटीय और भूस्खलन-प्रभावित क्षेत्रों में। इन सुझावों और चिंताओं के बाद इस प्रणाली को टेस्ट किया गया, जिसका उद्देश्य आपदा तैयारी को मजबूत करना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना और नागरिकों तक समय पर चेतावनी एवं आवश्यक जानकारी पहुंचाना है।
डॉ. अशोक मित्तल ने कहा, नागरिकों की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सर्वोच्च है। SACHET प्लेटफॉर्म को सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से अपग्रेड करके अब हम नागरिकों तक तुरंत जीवनरक्षक जानकारी सीधे पहुंचा सकते हैं।