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जालंधर: FIR सर्वोदया हॉस्पिटल के 4 डाक्टरों पर करोड़ों की ठगी से लेकर सरकारी विभाग को झूठे कागजात पेश कर गुमराह करने जैसी धाराओं अधीन, बड़ा सवाल : FIR तो माननीय कोर्ट के आदेशों पर कर ली गई दर्ज लेकिन कब होगी गिरफ्तारी ?, पढ़ें व देखें

बयूरो : आखिरकार कोर्ट के निर्देशों पर जालंधर शहर के विवादित Sarvodya Hospital के 4 डॉक्टरों जिनमें डा. राजेश अग्रवाल, डा. कपिल गुप्ता, डा. संजय मित्तल, डा. अनवर इब्राहिम शामिल हैं तथा 1 सीए संदीप कुमार सिंह निवासी नोएडा पर थाना बारादरी को केस (FIR 233/25) दर्ज करना पड़ ही गया। जानकारी अनुसार 31-1-2024 को दायर याचिका के मामले की सुनवाई माननीय जज अर्जुन सिंह संधू की कोर्ट में चल रही थी, जिन्होंने यह फैसला सुनाया।

इस मेडिकल फ्रॉड केस में ठगी मारने, साजिश रचने, पैसों को लेकर सरकारी विभाग को गुमराह करने, दस्तावेजों से छेड़छाड़ और फर्जी डॉक्यूमेंट पेश करने सहित कई अन्य धाराओं अधीन सर्वोदया अस्पताल के डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. अनवर इब्राहिम खान सहित 1 CA संदीप कुमार सिंह निवासी नोएडा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

मामला सर्वोदया अस्पताल से जुड़ा है। इस केस में किडनी कांड से जुड़े डॉक्टरों के नाम भी सामने आ रहे हैं। याद रहे यह मामला तब खुला जब सर्वोदया अस्पताल के पार्टनर डॉ. पंकज त्रिवेदी की शिकायत पर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया और DA LEGAL की रिपोर्ट को अनदेखा कर दिया। उन्होंने बाद में जब यह मामला डीसीपी स्तर के अधिकारी समक्ष रखा तब भी मामले को नजरअंदाज किया गया। फिर उन्होंने यह मुद्दा कोर्ट समक्ष रखा क्योंकि पुलिस केस को दबाने में लगी थी।

जानकारी अनुसार, यह मामला शिकायतकर्ता के ध्यान में तब आया जब उन्होंने 2018 -19 की बैलेंसशीट देखी। इस पर सिर्फ 4 पार्टनर्स के सिग्नेचर थे। यह बैलेंसशीट फर्जी थी। शिकायतकर्ता इस बात पर हैरान हुआ कि असल बैलेंसशीट पर तो 9 पार्टनर्स के सिग्नेचर होने चाइए थे लेकिन इस फर्जी बैलेंसशीट को सीए संदीप कुमार सिंह निवासी नोएडा ने तैयार किया था। डॉ. त्रिवेदी का कहना है कि उन्हें इस बात की खबर नहीं थी कि सीए संदीप कुमार सिंह को कब और किसने काम पर रखा था। संदीप कुमार सिंह ने जो रिपोर्ट बनाई उसमें सैलरी और बाकी पैसा उक्त आरोपियों को देने की बात मेंशन की गई थी।

यही नहीं अस्पताल को 1.7 करोड़ के घाटे में भी दिखाया गया जबकि उक्त आरोपियों को पैसा मिल रहा था तो यह कैसे संभव है कि घाटे में चल रहे अस्पताल से पार्टनर्स बड़ा मुनाफा भी कमा रहे हों।

बड़ा सवाल : पुलिस कब करेगी आरोपी डॉक्टरों व CA की गिरफ्तारी

अदालत के निर्देश पर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली है। लेकिन पुलिस इन डॉक्टरों की गिरफ्तारी कितनी जल्दी करेगी इस पर सभी की नजर हैं। कयोकि पुलिस ने अभी तक जो गलती की है वह अब भी सुधार सकती है। अगर कोर्ट की अगली तारीख से पहले इन डॉक्टरों की गिरफ्तारी नही हुई तो पुलिस को अदालत से तगड़ा झटका भी लग सकता है। इस बारे जब SHO रविंदर से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु छापेमारी आरम्भ कर दी गई है।